मशरूम मृत कारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ पर पनपने वाला à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कवक होता है। इसमें अनà¥à¤¯ वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समान हरित पदारà¥à¤¥ नहीं होता है, फिर à¤à¥€ इसे तकनीकी रूप से वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ कà¥à¤² में ही रखा गया है।
टोड सà¥à¤Ÿà¥‚ल मशरूम, जिसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में "Fly Agaric" (अमैटा मà¥à¤¸à¥à¤•ारिया) कहा जाता है, जो बहà¥à¤¤ ही जहरीला मशरूम होता है। यह मशरूम सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ चमकीला लाल रंग लिठटोपीनà¥à¤®à¤¾ होता है, जिसमें सफेद धबà¥à¤¬à¥‡ होते हैं। ये दिखने में काफी आकरà¥à¤·à¤• à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤‚दर होते है, लेकिन इसके सेवन से गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं, à¤à¤µà¤‚ इसका सेवन मनà¥à¤·à¥à¤¯ के जीवन के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। इसके सेवन से मनà¥à¤·à¥à¤¯ में गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Gastroenteritis) रोग के लकà¥à¤·à¤£ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का ‘’पेट फà¥à¤²à¥‚’’ होता है, जिससे पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मृतà¥à¤¯à¥ तक हो सकती है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के खाने योगà¥à¤¯ मशरूम कृतà¥à¤°à¤¿à¤® खेती दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पैदा किये जाते हैं, जिसमें किसी पà¥à¤°à¤•ार के दोष या अवगà¥à¤£ नहीं होते हैं। इसलिठयह बात सà¤à¥€ को जान लेनी आवशà¥à¤¯à¤• है कि खेती दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मशरूम हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को किसी पà¥à¤°à¤•ार की हानि नहीं पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¤¾ है। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के रिसरà¥à¤š से इस बात की पूरी तरह से परिकà¥à¤·à¤£ कर ली गयी है कि मशरूम की खेती के लिठअपनायी जाने वाली विधि पूरी तरह से वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• है, जिस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में किसी पà¥à¤°à¤•ार की हानि पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ वाले मशरूम पैदा नहीं हो सकते हैं। बाजार में हमारे दैनिक खादà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं की पूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठजो मशरूम आते हैं, वे पूरी तरह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वातावरण में तैयार किये जाते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार खेती दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तैयार मशरूम जहरीले नहीं होते हैं, इसके सेवन से हमें आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं, ना कि हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को किसी पà¥à¤°à¤•ार का नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हैं।
ये मशरूम पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से वनों, नम मिटà¥à¤Ÿà¥€ वाली जगहों विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रंगों में छतरीनà¥à¤®à¤¾/टोपीनà¥à¤®à¤¾ आकार के होते हैं। यह सबसे अधिक जंगली कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पाया जाता है। यह मशरूम ओक, बरà¥à¤š, पाइन और अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के पेड़ों के आसपास जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उगता है। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस मशरूम को पहचानने की कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ विधि तो नहीं है, लेकिन कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर इसकी पहचान की जा सकती है। तो आइये जानते हैं किन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर आप टोड सà¥à¤Ÿà¥‚ल मशरूम यानी जहरीले मशरूम की पहचान कर सकते हैं।
टोड सà¥à¤Ÿà¥‚ल मशरूम में कई जहरीले रसायन पाठजाते हैं, जिनमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से मà¥à¤¸à¥à¤•ारिन और आईबोटेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ हैं।
अगर आप जंगलों या खà¥à¤²à¥‡ इलाकों में उगने वाले मशरूम का सेवन करते हैं, तो टोड सà¥à¤Ÿà¥‚ल मशरूम को पहचानने à¤à¤µà¤‚ उससे दूर रहने के उपायों को जानना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। अगर किसी ने गलती से इसका सेवन कर लिया है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सहायता लेनी चाहिà¤à¥¤
इस पà¥à¤°à¤•ार हमनें देखा कि टोड सà¥à¤Ÿà¥‚ल मशरूम देखने में तो सà¥à¤‚दर à¤à¤µà¤‚ आकरà¥à¤·à¤• होते हैं, लेकिन यह मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर के लिठबहà¥à¤¤ ही खतरनाक होता है। इसके सेवन से शरीर में गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं। यदि आप जंगलों या पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जाते हैं, तो इस मशरूम को पहचानना और इससे दूर रहना जरूरी है। इसके बारे में सही जानकारी होना à¤à¤µà¤‚ सावधानी बरतना जीवन की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठबेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।